हैलो दोस्तों हमारे इस वेबसाइट पर एक फिर से आपका स्वागत है। आज हम एनकोडर ( Encoder ) के बारे में बहुत गहराई से समझेंगे। और आपको यहाँ भी बताएँगे की यह काम कैसे करता है।  

एनकोडर ( Encoder ) के बारे में सभी बेसिक डिटेल्स आपको हमारे इस वेबसाइट (website) पर मिल जाएगी। यदि आपको इसमें ऑटोमेशन से रिलेटेड कोई भी जानकरी चाहिए तो हमारे इस वेबसाइट से जुड़ जाइये, जिसे सर्वो मोटर एनकोडर प्रोग्रामिंग सारी जानकरी स्टेप टू स्टेप मिल जाएगी। चलिए अब हम एनकोडर के बारे में जाने , वैसे एनकोडर इंडस्ट्रियल एरिया में बहुत ही बड़ी मात्रा में उपयोग होता है। जो मशीनो के ऑटोसिस्टम (Auto system) से जुड़े होते है। 

एनकोडर ( Encoder ) क्या है।

एनकोडर बसिकली एक प्रकार का ऐसा डिवाइस है। जो डाटा सिग्नल को दूसरे दूसरे सिग्नल में कन्वर्ट करता है। मतलब एक डाटा सिग्नल को दूसरे दूसरे डाटा सिग्नल में चेंज करता है। 

यदि कोई आपसे इंटरव्यू में पुछ ले। या आपको टेक्निकली जानना हो तो, एनकोडर एक ऐसा डिवाइस है जो मैकेनिकल मोशन को एलेक्ट्रीअली डिजिटल या एनालॉग सिगनल में फीडबैक देता है। 

एनकोडर एक प्रकार डाटा ट्रांसफर बेस एक्विमेंट या डिवाइस है , दोस्तों अब आपके मन में एक और क्वेश्चन आएगा की हम एनकोडर का यूज क्यों करते है। तो एनकोडर का यूज हम किसी भी मशीन की पोजीशन, काउंट, स्पीड, और डायरेक्शन जानने के लिए करते है।

जैसे एक एक्साम्प्ल के तौर पर देखा जाए तो 

एक कन्वेयर लाइन है।  जिस पर मटेरियल या कोई ( wire )तार है और मेरे पास बहुत बड़ा वायर का बंडल है और मुझे उस वायर को 10 मीटर के ढेर सारे टुकड़े करने है।  तो में उसे बहुत आसानी से इस एनकोडर की हेल्प से उसे एक साइज में बार बार आटोमेटिक कट कर सकता हु, अब उस वायर के बंडल को फिक्स कर दिया है की 10 Meter तक चलने के बाद वह वायर कट जाना चाहिए। तो उसके पोजीशन या काउंटर दोनों के हेल्प से प्रोग्राम बनाकर उसे सेट कर दिया जाता है। फिर जैसे 10 मीटर तक वायर का Length  पहुंचेगा तो वायर आटोमेटिक ही कट हो जाएगा। पर दोस्तों हमे पता कैसे चलेगा की हमारी वायर १० मीटर होने बाद अपने आप कट जा रहा है। तो उसके पोजीशन की जानकरी हमें एनकोडर से मिलती है। जिसमे उसके एनकोडर का डायरेक्शन,स्पीड और काउंट को सेट किया रहता है।  इस काम को बार बार रिपीट करने के लिए उसी एनकोडर के हेल्प से प्रोग्राम सेट करने के बार आटोमेटिक ही कट होता जाएगा। 

टाइप्स ऑफ़ एनकोडर ( Encoder )

यदि आप एनकोडर टेक्नोलॉजी के बारे में बात करे तो एनकोडर के चार टाइप होते है। 

(1) मेग्नेटिक (Magnetic)

(2) मैकेनिकल (Mechanical)

(3) रेसिटीव (Resistive)

(4) ऑप्टिकल (Optical)

अब दोस्तों आपको इसके बारे में ओर भी जानकरी चाहिए तो हम आपको बताएंगे यहाँ तक जब प्रोगरामिंग करेंगे तो उसे कैसे किया जाता है उसे भी शेयर करेंगे। 

आपको ऑटोमेशन सिस्टम से रिलेटेड और भी जानकारी चाहिए या पीएलसी प्रोग्राम लर्निंग (PLC Programming Learning ) करना चाहते हो तो जुड़े रहिये हमारे साथ। 

इस प्रकार हम एनकोडर का यूज करते है।  यह डिवाइस बहुत एक्यूरेसी होता है जिसका डिस्टेंस माइक्रो mm से लेकर मीटर तक होता है। 

(Thank you) थैंक यू। 

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